उत्तर प्रदेश के वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। भक्तों की लंबी कतारें उनके प्रवचनों को सुनने के लिए लगती हैं। वह सुबह 2 बजे से वृंदावन की परिक्रमा पर निकलते हैं और रोजाना सत्संग करते हैं, जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि महाराज जी की दोनों किडनियाँ कई साल पहले खराब हो गई थीं।
श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष का आरोप
हाल ही में, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष ने प्रेमानंद महाराज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर महाराज की किडनियाँ सच में खराब हैं, तो वह सरकारी अस्पताल में इलाज क्यों नहीं करवा रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी पूछा कि अगर वह स्वस्थ हैं, तो श्री कृष्ण जन्मभूमि के लिए आंदोलन में सहयोग क्यों नहीं कर रहे हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि धर्म के नाम पर ढोंग क्यों किया जा रहा है और उन्होंने महाराज से सार्वजनिक रूप से अपनी स्वास्थ्य रिपोर्ट जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि संतों को भगवान श्री कृष्ण की लड़ाई में सहयोग करना चाहिए।
प्रेमानंद महाराज की स्थिति
सूत्रों के अनुसार, प्रेमानंद महाराज की किडनी फेल हुए लगभग 17 साल हो चुके हैं, लेकिन वह आज भी स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। वह सुबह 2 बजे वृंदावन की परिक्रमा करते हैं। उनके अनुयायी कई बार उन्हें अपनी किडनी देने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं, लेकिन महाराज जी हमेशा मना कर देते हैं।
महाराज जी का जवाब
प्रेमानंद महाराज के भक्त अक्सर उनसे उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में सवाल करते हैं। महाराज जी इस पर हंसते हुए कहते हैं कि कुछ लोग कहते हैं कि वह सच में बीमार हैं। वह अपने स्वास्थ्य के बारे में बात करते हुए बताते हैं कि उन्होंने पहले पेट का ऑपरेशन कराया था। उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल होते रहते हैं।
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