अच्छी बात ये है कि दुनिया के कई ऐसे देश हैं, जिन्हें इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इन देशों में विदेशी छात्रों के काफी कम फीस ली जाती है और यहां पर काफी कम कीमत में ही इंजीनियरिंग डिग्री हासिल की जा सकती है। भारतीय छात्र भी इन देशों में जाकर पढ़ाई कर सकते हैं। आइए इंजीनियरिंग डिग्री के लिए दुनिया के टॉप-5 सबसे किफायती देशों के बारे में जानते हैं।
जर्मनी
जर्मनी अपनी कम रहने की लागत और सस्ती इंजीनियरिंग की डिग्री के लिए जाना जाता है। जर्मनी की सरकारी यूनिवर्सिटीज कम ट्यूशन फीस ली जाती है। यहां औसत ट्यूशन फीस लगभग 108 डॉलर से 324 डॉलर (9,225 रुपये से 27,676 रुपये) के बीच है। टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख, कार्लस्रूहे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और RWTH आचेन यूनिवर्सिटी जर्मनी की कुछ टॉप यूनिवर्सिटी हैं। (Pexels)
न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के कई फायदे हैं। यहां की यूनिवर्सिटीज प्रैक्टिकल तरीके से पढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। यहां चार साल के इंजीनियरिंग प्रोग्राम की ट्यूशन फीस 11,451 डॉलर से 25,765 डॉलर(9.78 लाख से 22 लाख रुपये) तक हो सकती है। विक्टोरिया यूनिवर्सिटी ऑफ वेलिंगटन, यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी और यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड न्यूजीलैंड में इंजीनियरिंग के लिए टॉप संस्थान हैं। (Pexels)
चीन

चीन दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और यहां का एजुकेशन सिस्टम दुनिया में सबसे बड़ा है। चीन में कई तरह के इंजीनियरिंग कोर्स उपलब्ध हैं, जो टेक्निकल रूप से बहुत अच्छे हैं। ज्यादातर प्रोग्राम चार साल के होते हैं और सबसे सस्ते कोर्स की फीस 2,481 (2.11 लाख रुपये) प्रति वर्ष से शुरू होती है। चीन की कुछ प्रमुख यूनिवर्सिटीज हैं- शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी, झेजियांग यूनिवर्सिटी और चोंगकिंग यूनिवर्सिटी। (Pexels)
साउथ कोरिया
साउथ कोरिया में पढ़ाई करना एक सपने जैसा हो सकता है। यहां इंजीनियरिंग की डिग्री की फीस 19,800 डॉलर से 38,965 डॉलर (17 लाख से 33 लाख रुपये) तक हो सकती है। हालांकि, आपको एक साल भाषा सीखने में बिताना पड़ सकता है, लेकिन कोरियाई भाषा सीखने से आपको ट्यूशन फीस में छूट भी मिल सकती है। सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी, कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (KAIST) और येउंगनाम यूनिवर्सिटी देश के टॉप संस्थान हैं। (Pexels)
नॉर्वे

नॉर्वे में ज्यादातर सरकारी यूनिवर्सिटी ट्यूशन फीस नहीं लेते हैं, यहां तक कि विदेशी छात्रों से भी नहीं। अगर आप यहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो आपको सिर्फ एडमिनिस्ट्रेटिव फीस, स्टूडेंट यूनियन फीस और रहने का खर्च देना होगा। अगर आप किसी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में जाना चाहते हैं, तो बैचलर प्रोग्राम के लिए ट्यूशन फीस 7,557 डॉलर से 9,717 डॉलर (6.45 लाख से 8.30 लाख रुपये) तक हो सकती है। नॉर्वे की कुछ प्रमुख यूनिवर्सिटीज हैं- नॉर्वेजियन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (NTNU) और यूनिवर्सिटी ऑफ ओस्लो। (Pexels)
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