फरीदाबाद: जो खिलौने हम बच्चों को दे रहे हैं, वे जानलेवा भी हो सकते हैं। ऐसा ही हैरान करने वाला मामला फरीदाबाद में सामने आया है। यहां सगे भाई-बहनों ने खिलौनों में आए चुंबक निगल लिए। तीन साल की बहन और पांच साल के भाई को पेट दर्द होने पर अस्पताल लाया गया। अस्पताल का कहना है कि दोनों का करीब दो हफ्तों तक इलाज चलता रहा। उनके पेट से सर्जरी करके चुंबक निकाले गए। ये सर्जरी 48 घंटे तक चली। भाई के पेट में 10 और बहन के पेट में 6 चुंबक मिले।
पेट में पड़े कई छेद, आंत का हिस्सा हुआ डैमेज
अमृता अस्पताल ने बताया, तीन साल के प्रज्ञान को पेट में तेज दर्द और लगातार उल्टियां हो रही थी। स्कैन में पता चला कइ उसकी आंत में कई बाहरी चीजें फंसी हुई है। सर्जरी के दौरान, डॉक्टरों ने पाया कि 10 चुंबक अंदर ही अंदर चिपक गई थीं, जिससे बच्चे के अलग-अलग जगहों पर छेद हो गए थे। छोटी आंत का सबसे छोटा हिस्सा, जिसे डुओडेनम कहते हैं, नष्ट हो गया था। मुश्किल से 24 घंटे बाद, उसकी 4 साल की बहन हितांशी भी ऐसे ही लक्ष्णों के साथ अस्पताल पहुंची। जांच में पता चला की उसके पेट में 6 चुंबक थे, जिनकी वजह से उसके पेट की गुहा में कई छेद हो गए थे। ऊथक नष्ट हो गए थे।
बिल्डिंग ब्लॉक्स टॉय था
डॉ. जैन ने बताया कि ये दोनों बच्चे बिल्डिंग ब्लॉक्स वाले खिलौनों से खेलते थे। इस खिलौने के साइड में चुंबक लगी होती है। लेकिन इस खिलौने में लगी चुंबक आपस में काम नहीं कर रही थी। ब्लाक्स टूटकर गिर रहे थे, जिस पर उनमें लगी चुंबक बाहर निकल रही थी, इन्हें ये बच्चे निगल रहे थे।
पेट में पड़े कई छेद, आंत का हिस्सा हुआ डैमेज
अमृता अस्पताल ने बताया, तीन साल के प्रज्ञान को पेट में तेज दर्द और लगातार उल्टियां हो रही थी। स्कैन में पता चला कइ उसकी आंत में कई बाहरी चीजें फंसी हुई है। सर्जरी के दौरान, डॉक्टरों ने पाया कि 10 चुंबक अंदर ही अंदर चिपक गई थीं, जिससे बच्चे के अलग-अलग जगहों पर छेद हो गए थे। छोटी आंत का सबसे छोटा हिस्सा, जिसे डुओडेनम कहते हैं, नष्ट हो गया था। मुश्किल से 24 घंटे बाद, उसकी 4 साल की बहन हितांशी भी ऐसे ही लक्ष्णों के साथ अस्पताल पहुंची। जांच में पता चला की उसके पेट में 6 चुंबक थे, जिनकी वजह से उसके पेट की गुहा में कई छेद हो गए थे। ऊथक नष्ट हो गए थे।
बिल्डिंग ब्लॉक्स टॉय था
डॉ. जैन ने बताया कि ये दोनों बच्चे बिल्डिंग ब्लॉक्स वाले खिलौनों से खेलते थे। इस खिलौने के साइड में चुंबक लगी होती है। लेकिन इस खिलौने में लगी चुंबक आपस में काम नहीं कर रही थी। ब्लाक्स टूटकर गिर रहे थे, जिस पर उनमें लगी चुंबक बाहर निकल रही थी, इन्हें ये बच्चे निगल रहे थे।
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